वाराणसी, फरवरी 25 -- वाराणसी। बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय में पं. दीनदयाल उपाध्याय पीठ की ओर से 'पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद: कल्पना और पुनर्कल्पना' विषयक विशेष व्याख्यान मंगलवार को हुआ। मुख्य वक्ता दक्षिण बिहार केंद्रीय विवि (गया) के पूर्व कुलपति प्रो. कामेश्वरनाथ सिंह ने शिक्षा को राष्ट्र-निर्माण, चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीविका का साधन नहीं बल्कि व्यक्तित्व के समग्र विकास का माध्यम होनी चाहिए। कार्यक्रम का संयोजन पीठ के समन्वयक प्रो. तेजप्रताप सिंह ने किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.