शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया
बुलंदशहर, जुलाई 25 -- सिकंदराबाद। नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधानबको इस्तीफा देना पड़ा। छात्र नेता अफशान राणा ने कहा कि यह छात्रों की एकता और लोकतंत्र की जीत है"। भाजपा की तानाशाह सरकार को आखिरकार अपनी हार माननी पड़ी। छात्रों ने सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक आवाज उठाई, जिसके दबाव में सरकार को झुकना पड़ा।उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से छात्र अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे थे। पेपर लीक से लाखों छात्रों का जीवन बर्बाद हो रहा था। जब हमने सोनम वांचुक के समर्थन में आवाज उठाई तो हमें 6 दिन तक हाउस अरेस्ट भी किया गया।लेकिन यह भी पढ़ें- धर्मेंद्र प्रधान: पेपर लीक के खिलाफ कभी खाए थे डंडे, अब खुद छोड़नी पड़ी शिक्षा मंत्री की क...
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