संभल, मई 13 -- प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए कायाकल्प योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर शिक्षकों की कार्यशैली इन तमाम कोशिशों पर पानी फेर रही है। जिले के दो अलग-अलग क्षेत्रों से आई तस्वीरें प्राथमिक शिक्षा प्रणाली की बदहाली की गवाही दे रही हैं। कहीं स्कूल के गेट पर समय से ताला न खुलने के कारण मासूम बच्चे बाहर बैठकर इंतजार करने को मजबूर हैं, तो कहीं स्कूल खुलने के बाद भी क्लास रूम में ब्लैकबोर्ड कोरा है और शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाने में मशगूल हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की चमक तो बढ़ी है, लेकिन जिम्मेदारी और अनुशासन का ग्राफ लगातार गिर रहा है। यह भी पढ़ें- समय से नहीं खुलता प्राथमिक विद्यालय, छात्र लगाते झाडू़क्लास हुई खत्म, ब्लैकबोर्ड रहा को...