जमुई, मार्च 23 -- बरहट, निज संवाददाता अपने कारनामों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहने वाला शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है जब गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा एवं व्यवस्था सुदृढ़ के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाने के बड़े दावे के बीच दशकों बाद भी नौनिहालों के लिए एक स्कूल नहीं खोल पाया। नतीजा आज भी सैकड़ों बच्चे कभी गांव के बरगद पेड़ के नीचे तो कभी आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई की खानापूर्ति कर रहे हैं । मामला प्रखंड के अति पिछड़े , नक्सल प्रभावित गांव गुरमाहा का है जहां आजादी के दशकों बाद भी उत्क्त्रमित मध्य विद्यालय का अपना भवन नहीं बन सका है। नतीजा यह है कि कक्षा 1 से 8 तक नामांकित 119 बच्चों की पढ़ाई शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सहानुभूति से चल रही है। भवन के अभाव में छात्र मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं और एक कमरे में कक्षा एक से लेकर आठ तक के बच्चे...