मेरठ, जनवरी 3 -- मवाना। नगर के मखदूमपुर अड्डे पर स्थित मंदिर में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर कार्यक्रम हुआ। इसमें लोगों ने सावित्रीबाई फुले के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान और भारतीय समाज पर उनके गहरे प्रभाव को याद किया। आशीष सैनी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में शिक्षा की अलख जगाई, जब महिलाओं को पढ़ने का अधिकार तक नहीं था। उन्होंने समाज की कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए बालिका शिक्षा की नींव रखी और नारी सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए। उनके विचार आज भी समाज को समानता, शिक्षा और जागरुकता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है। उनके संघर्ष और विचा...