शिक्षा ऋण आवेदन निरस्त होने पर पीएनबी और तत्कालीन मैनेजर पर 1.55 लाख का जुर्माना
शामली, मई 21 -- शामली। दूसरी फर्म से गलत तरीके से नाम जोड़ दिए जाने के कारण सिबिल खराब होने और शिक्षा ऋण आवेदन निरस्त होने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पीएनबी बैंक एवं उसके तत्कालीन शाखा प्रबंधक पर 1.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने 25 हजार रुपये की राशि तत्कालीन प्रबंधक के व्यक्तिगत खाते से वसूलने के निर्देश भी दिए हैं। शहर के मोहल्ला धीमानपुरा निवासी टिंबर मर्चेंट अनिल कुमार पुत्र स्वर्गीय ताराचंद ने आयोग में वाद दायर करते हुए बताया कि उनकी फर्म अनिल कुमार एंड ब्रदर्स के नाम से संचालित है। उन्होंने अपने पुत्र सचिन की एमएससी की पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण हेतु आवेदन किया था। जांच के दौरान इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा ने उनकी सिबिल रिपोर्ट मानक के अनुरूप नहीं बताई। परिवादी के अनुसार जांच में पता चला कि पीएनबी बैंक से सं...
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