कन्नौज, सितम्बर 7 -- छिबरामऊ, संवाददाता। शिक्षा, साहित्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षक ने अपनी रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से अलग पहचान बनाई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार प्रयास करते हुए 50 हजार से अधिक पौधों का रोपण कराया गया है। इसके साथ ही लोगों को पौधरोपण और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने का कार्य भी किया जा रहा है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता उल्लेखनीय है। उनके पांच ग्रंथ प्रकाशित हो चुके हैं। इनमें ओजस, रंगों में फूल चमन के, सरस लोचन तथा मानस स्मृति ग्रंथ सहित अन्य रचनाएं शामिल हैं। दो अन्य ग्रंथ प्रकाशन की प्रक्रिया में हैं। इसके अलावा पुष्प तुम्हारे चरण तुम्हारे, हे मानस की मानसी, महान अशोक स्तंभ, जागो और जगाओ, नारी सशक्तीकरण, शहीदों त...