अररिया, दिसम्बर 22 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने का नाम नहीं है, बल्कि यह आचरण, संस्कार और नैतिक मूल्यों को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने की प्रक्रिया है। शिक्षक को समाज में इसी कारण 'गुरु' का दर्जा दिया गया है लेकिन जब वही गुरु अपने आचरण से भटकते नजर आएं, तो न केवल गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते पर प्रश्नचिन्ह लगता है, बल्कि देश के भविष्य को गढ़ने की पूरी प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है। ऐसा ही एक चिंताजनक मामला स्थानीय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में सामने आया है, जहां प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कुछ शिक्षकों पर संस्थान की सामग्री चोरी करने का आरोप लगा है। सीसीटीवी कैमरे में कथित रूप से बल्व, बेडशीट, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, चाय का कप, हैंड वॉश जैसी महत्वपूर्ण सामग्रियां ले जाते हुए शिक्षक कैमरे में कैद नजर आये। चोरी...
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