रांची, मई 4 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड सरकार के असाधारण गजट में विश्वविद्यालय शिक्षकों के सक्रिय राजनीति में भाग लेने पर सेवा से बर्खास्तगी के प्रावधान का विरोध शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर सोमवार को रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग में शिक्षक नेताओं की बैठक हुई। सर्वसम्मति से इस प्रावधान का विरोध करने का निर्णय लिया गया। शिक्षक संगठन जुटान के संयोजक कंजीव लोचन ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्थापना के समय ही यह संकल्प लिया गया था कि शिक्षक और विद्यार्थी समाज व प्रशासन को सही दिशा देने का कार्य करेंगे। शिक्षकों का मुख्य कार्य राजनीति और इतिहास पढ़ाना है, जिसमें वर्तमान और पूर्व की सरकारों की नीतियों की समीक्षा और आलोचना भी शामिल होती है। यह भी पढ़ें- विश्वविद्यालय में 114 सहायक प्राध्यापकों की पदोन्नति को सिंडिकेट से म...