जमशेदपुर, सितम्बर 6 -- जेनाराम बोदरा, करिया मर्डी और कृष्णा बेसरा ऐसे द्रोण हैं, जो अभावों में पल रही प्रतिभाओं को एकलव्य जैसी धार दे रहे हैं। ये समर्पित शिक्षक अभावों से जूझ रहे ग्रामीण और आदिवासी बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बन रहे हैं। कोई किक बॉक्सिंग के जरिए युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर पदक दिला रहा है, तो कोई माटी के मैदान पर पेंचक सिलाट (मार्शल आर्ट) और फुटबॉल की बारीकियां सिखाकर उनकी छिपी प्रतिभा को तराश रहा है। इन गुरुओं की मेहनत और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि झारखंड के सुदूर गांवों के ये नन्हे खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराकर पूरे राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। कोल्हान के बच्चों को किक बॉक्सिंग में चैंपियन बना रहे जेनाराम बोदरा यह भी पढ़ें- ऑल इंडिया नवोदय तीरंदाजी प्रतियोगिता में कृष्णा साहू ने जीते तीन पदकशि...