लखनऊ, जुलाई 19 -- सुप्रीम कोर्ट के टीईटी अनिवार्यता पर दिए गए निर्णय का एक वर्ष बीतने के बाद भी सरकार की ओर से समाधान न किये जाने से आक्रोशित प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों ने आंदोलन तेज कर दिया है। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ (एआईपीटीएफ) ने देश के 25 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देशभर में सांसदों को घेरने की रणनीति तैयार की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने सभी राज्यों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि संसद के आगामी मानसून सत्र में टीईटी अनिवार्यता को रद्द कराने विषयक ज्ञापन सांसदों को सौंपेंगे। शिक्षकों की मुख्य मांग आरटीई एक्ट 2009 के आर्टिकल 23(2) में अगस्त 2017 में किए गए संशोधन को निरस्त करने और इस संबंध में अध्यादेश लाने की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मानसून सत्र में सकारा...