धनबाद, मार्च 20 -- सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के पास जिले के उत्कृष्ट प्राइवेट स्कूल के समान आधारभूत संरचना है। टीचर उत्कृष्ट स्तर के हैं तो फिर रिजल्ट बेहतर क्यों नहीं होता। एक प्राइमरी स्कूल कहता है कि आंगनबाड़ी से वैसे बच्चे नामांकित हुए हैं, जिन्हें अक्षर ज्ञान नहीं है। एक मध्य विद्यालय में कक्षा 6 में नामांकित बच्चे के बारे में कहते हैं कि कक्षा पांच तक उसने कुछ नहीं सीखा। कक्षा 9 में नामांकन लेने वाले बच्चे के बारे में हाईस्कूल कहता है कि पहले ककहरा सिखाते हैं। इस आरोप-प्रत्यारोप से कुछ नहीं होगा। शिक्षक अगर चाह लें तो सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी अंग्रेजी स्कूल के छात्रों को टक्कर दे सकते हैं। उक्त बातें डीसी आदित्य रंजन ने आयोजित डीएमएफटी शिक्षकों की क्षमता संबर्द्धन कार्यक्रम में कहीं।पिछले तीन दिनों तक धनबाद पॉलीटेक्निक सभा...