जमशेदपुर, जून 19 -- देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य वर्तमान में बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। अकादमिक दबाव, करियर की चिंता और बदलती जीवनशैली के कारण छात्र लगातार तनाव का शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्यावहारिक बदलाव की शुरुआत की है। इसके तहत अब कॉलेजों के शिक्षकों को विशेष माइंड वेल बीइंग (मानसिक कल्याण) का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित न रहकर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के सजग प्रहरी बन सकें। इस पहल के अंतर्गत शिक्षकों को विद्यार्थियों के व्यवहार में आने वाले बदलावों और उनके अवसाद के शुरुआती लक्षणों को समझने की विशेष तकनीक सिखाई जाएगी। अक्सर छात्र अपनी मानसिक समस्याओं को साझा करने मे...