मुंगेर, अप्रैल 9 -- मुंगेर, हिन्दुस्तान संवाददाता। बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। कुलाधिपति के निर्देश पर अब सभी संकाय के शिक्षकों के लिए प्रति सप्ताह न्यूनतम 40 घंटे का कार्यभार अनिवार्य कर दिया गया है। बिहार सचिवालय की विशेष ड्यूटी अधिकारी (न्यायिक) कल्पना श्रीवास्तव द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी पूर्णकालिक शिक्षकों को सेमेस्टर सप्ताहों के दौरान प्रतिदिन कम से कम 5 घंटे कक्षा में उपस्थित रहना होगा। निर्देश के अनुसार, साप्ताहिक 40 घंटे का कार्यभार 6 कार्य दिवसों में समान रूप से वितरित किया जाएगा। यानी शिक्षकों को पूरे सप्ताह नियमित रूप से कक्षाएं लेनी होंगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि यह न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 क...