लोहरदगा, जून 1 -- लोहरदगा, संवाददाता। झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा ने 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा-टीईटी अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया है। मोर्चा के अधिकारियों ने सोमवार लोहरदगा में मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिक्षकों की योग्यता और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार को शीघ्र स्पष्ट समाधान प्रस्तुत करना चाहिए। प्रदेश संयोजक अमीन अहमद, विजय बहादुर सिंह, आशुतोष कुमार एवं प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार दास ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद देशभर के लाखों शिक्षक असमंजस की स्थिति में हैं। वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को आरटीई अधिनियम के तहत प्रारंभ में टीईटी से छूट प्राप्त थी, लेकिन 2017 में किए गए ...