बदायूं, मार्च 29 -- ककराला। हजरत शाह शुजाअत अली मियाँ का सालाना 70 वाँ उर्स का दूसरा व आख़िरी दिन अकीदत, एहतराम और रूहानी माहौल के साथ बड़े ही शान-ओ-शौकत के साथ संपन्न हुआ। कुल शरीफ़ से पूर्व दरगाह शरीफ पर हुआ जसाल आयोजित हुआ। जिसमें उलमाओं ने दी तालीमात व समाज सुधार का पैगाम दिया। उर्स के मौके पर कुल शरीफ़ से पूर्व दरगाह शरीफ पर रविवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक महफिल का आयोजन किया गया। महफिल में देश के खूसूसी उलमाए किराम हजरत अल्लामा फैज़ान अशरफ, हजरत मुफ्ती फहीम अजहरी सकलैनी, हजरत मौलाना रिफाकत अली सकलैनी आदि ने शिरकत करते हुए साहिबे उर्स हज़रत शाह शुजाअत अली मियां व सिलसिले के अजीम बुज़ुर्गों की तालीमात व हिदायात पर विस्तार से रोशनी डाली।उलमा ने महफिल में खिताब फरमाया, बुज़ुर्गाने दीन की जिंदगी इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और अमन का पैगाम देती है...
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