शास्त्रीय संगीत समस्त संगीत की जननी, एआई इसका स्थान नहीं ले सकती : मिश्रा बंधु
बोकारो, अगस्त 31 -- बोकारो, प्रतिनिधि। भारतीय शास्त्रीय संगीत समस्त संगीत की जननी है और राग-रागिनी इसका आधार हैं। यह कहना है बनारस घराने के मशालवाहक गायक बंधु पं. रितेश मिश्रा व पं. रजनीश मिश्रा का। सोमवार को डीपीएस बोकारो में स्पिक मैके के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत हमारी प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है। युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में विद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे पसंद न करने वाले लोगों को भी इसका सम्मान करना चाहिए। एआई के बढ़ते प्रभाव पर उन्होंने कहा कि तकनीक उपयोगी है, लेकिन किसी की आवाज को प्रसिद्ध गायकों की आवाज में बदलकर इस्तेमाल करना संगीत का अपमान है। प्राकृतिक संगीत का स्थान कोई तकनीक नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड संगीत में बदलाव के बावजूद इसकी बुनियाद शास्त्रीय संगी...
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