सहारनपुर, जून 8 -- बेहट, संवाददाता। कस्बे में उर्दू अदब को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित शायरी नशिस्त में आलमी और मकामी शायरों ने अपने उम्दा कलाम पेश कर महफिल को यादगार बना दिया। शेरो-शायरी के दौर में सामाइन ने खूब दाद दी। नशिस्त की शुरुआत उस्ताद शायर मौलाना वासिल बेहटवी ने नात-ए-पाक से की। इसके बाद आलमी मजाहिया शायर सिकंदर हयात गड़बड़ ने अपने अंदाज-ए-बयां से महफिल को खुशनुमा बना दिया। मशहूर शायर साहिल माधोपुरी ने बुलंदियों और कामयाबी पर आधारित शेर सुनाकर वाहवाही लूटी। अहसान हनफी ने मां की अज़मत को शेरों में पेश किया तो वहाब नूर का शेर "एड़ियां ऊंची उठाकर न समझ खुद को बड़ा..." खूब सराहा गया। यह भी पढ़ें- खतौली में ऑल इंडिया मुशायरा, शायरों ने बांधा समां इस्लाम संसारपुरी, शेख परवेज़ आलम और डॉक्टर नदीम काविश ने भी समाजी हकीकत और इंसानी ...