चित्रकूट, अप्रैल 21 -- चित्रकूट। हादसे में चाचा रविकरण और मौसिया महेन्द्र की मौत के बाद रोशनी का रो-रोकर बुरा हाल है। मंगलवार को रोशनी की बारात आने को लेकर परिवार के सदस्य और रिश्तेदार तैयारियों में जुटे थे। जब हादसे की जानकारी हुई तो सभी लोग भागकर अस्पताल पहुंचे। मृतक रविकरण आठ भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। जबकि मृतक महेन्द्र दो भाइयों में छोटा था। उसके एक बेटा व दो बेटियां है। बताते हैं कि एक्सप्रेस में बांदा की तरफ जाने के लिए थोड़ा घूमकर चढ़ना पड़ता है। लेकिन बाइक सवार दोनो लोग जिस रास्ते से बांदा की तरफ से आने वाले वाहन भरतकूप के पास उतरते है, उसी रास्ते से एक्सप्रेस वे में गलत दिशा से जा रहे थे। यह भी पढ़ें- मदनपुर के शिवगंज बाजार के लिए निकले थे युवक, घटी घटना, पेज 3 लीड घूमकर जाने के बजाय सीधे एक्सप्रेस वे से जाते ल...