नई दिल्ली, जून 18 -- घर वाले रिश्ते देख रहे हैं, बात भी आगे बढ़ती है, लेकिन आखिरी समय में मामला अटक जाता है। कुछ लोगों के साथ ऐसा एक बार नहीं, कई बार होता है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसी स्थितियों को समझने के लिए कुंडली के कुछ खास भाव और ग्रह देखे जाते हैं। ज्योतिषियों के मुताबिक विवाह का संबंध मुख्य रूप से सप्तम भाव, उसके स्वामी ग्रह, शुक्र और गुरु से माना जाता है। इनकी स्थिति कमजोर होने पर शादी में देरी या रुकावट देखने को मिल सकती है।सप्तम भाव में शनि होने पर बढ़ सकता है इंतजार ज्योतिष में शनि को धीमी गति का ग्रह माना जाता है। अगर कुंडली के सातवें भाव में शनि बैठा हो या उसकी दृष्टि विवाह भाव पर पड़ रही हो तो शादी तय होने में समय लग सकता है। ऐसे लोगों के रिश्ते अक्सर देर से पक्के होते हैं। हालांकि कई मामलों में देर से होने वाला विवाह स्थिर भ...