नई दिल्ली, जनवरी 9 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी अदालत ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता महिला आरोपी की शादी की जानकारी होने के बावजूद उसके साथ सहमति से संबंध में थी। ऐसे में प्रथम दृष्टया दुष्कर्म का मामला नहीं बनता। यह मामला वर्ष 2025 में तिमारपुर थाना में दर्ज किया गया था। महिला का आरोप था कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए और बाद में अपनी पत्नी से तलाक लेने की बात कही। शिकायतकर्ता आरोपी की पत्नी और उसके अन्य परिजनों के संपर्क में भी थी। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रियंका भगत की अदालत ने आरोपी मोहित के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया और उसे दुष्कर्म के आरोप से मुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि यह विश्वास करना कठिन है कि श...
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