एटा, मार्च 13 -- रमजान-उन-मुबारक का तीसरा यानी आखिरी अशरा चल रहा है। इसी असरे में ही नमाज-ए-अलविदा अदा की जाती है। 13 मार्च को जिले के मुस्लिमों ने बारगाह-ए-इलाही में सजदा कर अपने गुनाहों की माफी और इबादत कुबूल होने के लिए दुआ मांगी। मुस्लिमों ने बाद नमाज मुल्क की तरक्की, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी। वहीं मस्जिदों के आसपास पुलिस मुस्तैद रही। रमजान के आखिरी यानी अलविदा जुमे की नमाज एटा की जामा मस्जिद समेत शहर की अन्य मस्जिदों में अदा की गई। जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। नमाज से पहले रमजान की फजीलत के बारे में बताया, तो नमाज शुरू होने से पहले अलविदा जुमा का खुतबा पढ़ा गया। बाद नमाज हर खास-आ-आम के लिए खुसूसी दुआ की गई।लोगों ने बताया कि इस्लाम में जुमे का दिन बेहद खास माना जाता है और रमजान के आखिरी जुमे की अहमियत ...
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