हल्द्वानी, सितम्बर 24 -- दीप चंद्र जोशी , लालकुआं। 'मेरी बेटी डॉक्टर बनेगी...' बेटी के जन्म पर शहीद लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी के मुंह से निकले ये शब्द वर्षों बाद हकीकत में बदलने जा रहे हैं। महज छह साल की उम्र में सिर से पिता का साया उठ जाने के बावजूद, पिता के इस सपने को दिल में संजोकर भूमिका गोस्वामी ने इतिहास रच दिया है। भूमिका ने नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर दिल्ली के प्रतिष्ठित लेड़ी हार्डिंग चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश पा लिया है। बिंदुखत्ता के इंद्रानगर प्रथम निवासी मोहन नाथ गोस्वामी वर्ष 2015 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान घायल साथियों को बचाते हुए शहीद हो गए थे। उनकी वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। पिता की शहादत के समय भूमिका महज छह साल की थ...