फतेहपुर, जनवरी 25 -- जहानाबाद। देश की आजादी में ऐसे शहीद भी हुए जिन्होंने अपने प्राणों का त्याग किया। ऐसा ही एक नाम हकीम सैय्यद नुसरत हुसैन का है, जो कोड़ा जहानाबाद से है। जिन्होंने रेशमी रुमाल तहरीक के माध्यम से आजादी में भाग लिया और माल्टा द्वीप की जेल में अंग्रेजी हुकूमत की प्रताड़ना व जुल्म सहे और शहीद हो गये। जिनके कब्र की मिट्टी माल्टा द्वीप यूनिवर्सिटी में कार्यरत व रिसर्च स्कॉलर उर्फी रजा जैदी ने टर्किश एम्बेसी के माध्यम से मारसा तुर्किश सिमेट्री माल्टा से सैय्यद नुसरत हुसैन के कब्र की मिट्टी पैतृक कस्बा आ रहे हैं। शहीद के वंशज सैय्यद आबिद हसन ने बताया कि उनके जीवन पर आधारित एक किताब के विमोचन के साथ शहीद स्मारक स्मारक का निर्माण कराया जायेगा।

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