रामपुर, दिसम्बर 22 -- मुल्लाखेड़ा गुरुद्वारे में आयोजित दो दिवसीय शहीदी समागम के अंतिम दिन 50 सिखों ने अमृतपान कर खालसा पंथ की दीक्षा व शपथ ली। हजारों की संख्या में पहुंची संगत ने मत्थे टेककर अरदास की। जत्थों ने सबद-कीर्तन और कथावाचकों ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को बांधे रखा। नैनीताल हाईवे स्थित मुल्लाखेड़ा गुरुद्वारे में यह उन्नीसवां सालाना समागम दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों और माता गूजर कौर की मीठी याद में आयोजित किया गया। सुबह करीब दस बजे गुरुद्वारा भवन के बराबर सजाए गए विशाल पंडाल में जयकारों के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना और अरदास हुई। इसके बाद उनकी हुजूरी में समागम का दीवान शुरू हुआ। इसमें भाई खजान सिंह के रागी और भाई हरपाल सिंह धड़ तथा बीवी रजवंत कौर राजन के ढाडी जत्थों ने सबद-कीर्तन किए और संगत को ...
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