बिजनौर, मार्च 1 -- हल्दौर क्षेत्र के गांव छजुपुरा सादात स्थित इमाम बारगाह में ईरान के सुप्रीम लीडर वरिष्ठ शिया धर्म गुरु आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामेनेई व उनके साथियों की शहादत पर एक शोक सभा का आयोजन कर क़ुरआन खानी व मजलिस आयोजित की गई तथा अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। शोकसभा में छजुपुरा सादात की जामा मस्जिद अबुतालिब के पेश नमाज़ मौलाना मैहदी अब्बास ज़ैदी ने कहा कि शहादत हार नहीं, बल्कि जगाना है। जो लोग खुदा की राह में मारे जाते हैं, उन्हें मरा हुआ नहीं समझना चाहिए, बल्कि वे ज़िंदा हैं और अपने खुदा से रिज़्क़ पा रहे हैं। आज देश एक ऐसे लीडर से जुदा हो गया है जो कोई इंसान नहीं बल्कि एक सोच है, एक इरादा है, एक महान मुजाहिद है, अलावी स्कूल का लीडर है, कर्बला के रास्ते का एक मुसाफ़िर है, जिसकी ज़िंदगी जिहाद की खुशबू का जमावड़ा थी। इस महान लीडर का नाम इ...
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