कुशीनगर, मई 23 -- कुशीनगर। बिजली निगम के अभियंताओं की तरफ से शहरी क्षेत्रों में 24 और ग्रामीण में 18 घंटे के शेड्यूल के सापेक्ष इस भीषण गर्मी में महज एक से दो घंटे की कटौती बताई जा रही है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। इन दिनों हालत यह है कि शहरी क्षेत्रों में औसतन 12 से 13 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ग्रामीण इलाकों में तो हाल और भी बुरा है। महज छह से सात घंटे ही बिजल पा रही है। भीषण गर्मी में कभी लोकल फाल्ट तो कभी उपकेंद्र से ब्रेकडाउन या अन्य कोई तकनीकी गड़बड़ी के चलते बिजली कटौती की समय सीमा काफी बढ़ जा रही है। यह भी पढ़ें- तीन महीने में 40 मेगावाट बढ़ी बिजली की डिमांड इस तरह की बिजली कटौती उपकेंद्रों से दिन हो या रात, कभी भी कर दी जा रही है। उपभोक्ताओं को कोई पूर्व सूचना नहीं दी जा रही है। जबकि अधीक्षण अभियंता राकेश मोहन का आदेश है...