अररिया, मार्च 29 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता। खाड़ी देशों के बीच जारी युद्ध के चलते कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत ने फारबिसगंज शहर के होटल-रेस्टोरेंट की व्यवस्था बदल दी है। गैस सप्लाई बाधित होने के चलते एक बार फिर कोयले और डीजल से चलने वाली भट्ठियों पर निर्भर हो गए हैं। हालात ये हैं कि 60 फीसदी रेस्टारेंट, ढाबा और होटल अब कोयले और डीजल भट्ठी के सहारे चल रहे हैं।होटल कारोबारी सुशील यादव कामेश्वर राय के मुताबिक गैस सिलेंडर नहीं मिलने से खाना बनाने की रफ्तार पर असर पड़ा है और ग्राहकों को समय पर ऑर्डर देना चुनौती बन गया है। कोयले की भट्ठी पर तंदूरी व्यंजन तो तैयार हो जाते हैं, लेकिन बड़े स्तर पर खाना बनाना मुश्किल होता है। वहीं डीजल भट्ठी तेज आंच देती है, लेकिन इससे धुआं और प्रदूषण बढ़ता है। किचन में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इससे परेशानी क...