फरीदाबाद, अप्रैल 21 -- फरीदाबाद, सरसमल। शहर के नाले जीपीआर (ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार) तकनीक से खोजे जाएंगे। मंगलवार को जलभराव रोकने के लिए प्रशासन ने ग्राउंड पर निरीक्षण कर नई रणनीति बनाई है। मानसून से पहले सीवर और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसको लेकर उपायुक्त आयुष सिन्हा ने अधिकारियों के साथ दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे का दौरा किया। जहां उन्होंने स्पष्ट किया गया कि अब पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। जीपीआर यानी ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार तकनीक की मदद से जमीन के नीचे 6-7 मीटर गहराई तक दबी पुरानी सीवर लाइनों और मैनहोल की सटीक लोकेशन पता की जाएगी। कई स्थानों पर यह समस्या सामने आई थी कि पुरानी लाइनें नक्शों में तो दर्ज हैं, लेकिन जमीन पर उनका पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में सफाई और मरम्मत का काम अटक...
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