शहर की सबसे पुरानी और पहली प्रतिमाएं थीं
शाहजहांपुर, मार्च 25 -- शाहजहांपुर, संवाददाता। इतिहासकार डॉ. विकास खुराना के अनुसार वर्ष 1969 में शहर सीट से विधायक बने उमाशंकर शुक्ला ने, जो 1957 में चेयरमैन रहते हुए घंटाघर की आधारशिला रखवा चुके थे, शहर में व्यापक सौंदर्यीकरण के कार्य कराए। उस समय वासुदेव शरण गुप्ता नगर पालिका चेयरमैन थे। इसी दौर में मंडी स्थित गांधी पार्क का निर्माण हुआ और टाउनहॉल में लाइटनिंग फव्वारे के सामने शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। गोविंदगंज में टाला राम की दुकान हटाकर अशोक स्तंभ भी स्थापित कराया गया।खुराना के अनुसार, 1970 के दशक की शुरुआत में नगर पालिका परिसर में काकोरी शहीदों की प्रतिमाएं लगाई गईं, जो पहले से मौजूद फव्वारे के सामने स्थापित थीं। बाद में वर्ष 2003 में तत्कालीन मंत्री व शहर विधायक सुरेश कुमार खन्ना के प्रयासों से काकोरी शहीदों के साथ क्रां...
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