लखनऊ, मार्च 19 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता राज्य सरकार ने शहरी विकास के लिए स्टांप शुल्क का दो फीसदी 1600 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। इन पैसों से नगर निकायों व विकास प्राधिकरणों में विकास के काम कराए जाएंगे। प्रमुख सचिव स्टांप एवं पंजीकरण विभाग अमित गुप्ता ने शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में संपत्तियों की होने वाली रजिस्ट्री पर दो फीसदी अतिरिक्त स्टांप शुल्क लिया जाता है। इन पैसों को नगर विकास विभाग, विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद के साथ डेडिकेटेड अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड के लिए दिया जाता है। इस मद में 33 अरब, 33 करोड़ 84 लाख रुपये है। इसमें से 16 अरब रुपये देने का फैसला किया गया है। इस पैसे से होने वाले काम का सत्यापन सक्षम स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

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