सीवान, मार्च 1 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में होली का स्वागत करने के लिए लोग भरपूर तैयारी कर बैठे हैं। बाजार में ही होली को लेकर पूरी तरह से तेजी है। वैसे तो सीवान की होली आज भी भाईचारे का संदेश देती है, लेकिन यह अलग बात है कि समय के साथ होली मनाए जाने का स्वरूप पारंपरिक से आधुनिक हो गया है। प्राकृतिक रंगों की जगह अब पोटिन व मिलावटी रंगों ने ले रखा है। पहले जहां होली व अबीर के दौरान फगुआ गीत व भांग-ठंडाई की परंपरा रही है, लेकिन आज इसकी जगह डीजे पर कानफोड़ू व फुहड़ गीतों ने होली के पारंपरिक स्वरुप को ही बदल कर रख दिया है। सफेद कुर्ता पैजामा की जगह कलरफल कुर्ता-पैजामा, जिंस-पैंट व महिलाओं के लिए विशेष रूप से सूती की छाप वाली साड़ी व सिंथेटिक साड़ी की जगह कशीदाकारी, शिफॉन व जार्जेट साड़ियां ने ले रखा है। पुरानी पीढ़ी के अनुसार, पह...