भागलपुर, मई 20 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को अब युवा एवं किसान स्टार्टअप के रूप में अपना रहे हैं। मधुमक्खीपालन, उनके द्वारा उत्पादित शहद, मोम और अन्य उत्पादों के जरिए किसान और मधुमक्खीपालक आर्थिक लाभ हासिल कर रहे हैं। इसके जरिए उनकी आय में वृद्धि हो रही है। प्राकृतिक तरीके से उत्पादित शहद के साथ ही विभिन्न फ्लेवर वाले शहद की डिमांड बढ़ने लगी है। विशेषज्ञों की माने तो प्राकृतिक तरीके से उत्पादित शहद न केवल सेहत के लिहाज से अमृत है, बल्कि बाजार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के फ्लेवर वाले शहद ने स्वाद को बढ़ा दिया है। यह भी पढ़ें- अलीगढ़ की 'मीठी क्रांति' का यूएई से अमेरिका तक डंकामधुमक्खीपालन पर जोर, किसानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण जिला कृषि पदाधिकारी प्रेमशंकर प्रसाद बताते हैं कि बीते कुछ सालों से जिले में मधुमक...