भागलपुर, मई 21 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता मधुमक्खीपालन के क्षेत्र में किसानों का रूझान काफी बढ़ रहा है। यह किसानों के लिए बेहतर रोजगार का साधन है। शहद की गुणवत्ता, वर्गीकरण के साथ-साथ अपने उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग भी काफी जरूरी है। यह बातें बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर में आयोजित विश्व मधुमक्खी दिवस पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला सह संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बिहार कृषि कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रूबी रानी ने बुधवार को कही। यह आयोजन विवि के मधुमक्खीपालन सह शहद उत्पादन इकाई, कीट विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। यह भी पढ़ें- शहद के उत्पादन के साथ प्रभावी ब्रांडिंग आवश्यक : प्राचार्यसंगोष्ठी का विषय संगोष्ठी का विषय 'मनुष्य और पृथ्वी के लिए मधुमिखयां' रखा गया था। कीट विज्ञान विभाग की हेड डॉ. किरण कुमारी ने मधुमक्खी पालन करने के लाभों और मधुम...