बेगुसराय, जनवरी 2 -- साहेबपुरकमाल, निज संवाददाता। मानव शरीर परमात्मा की अनमोल देन है। यह शरीर केवल स्वयं के लिए नहीं है, बल्कि यह जनसेवा व जीवों के कल्याण के लिए है। जन कल्याण ही जीवन को सार्थक स्वरूप प्रदान करता है। ये बातें सुप्रसिद्ध कथावाचक रमाशंकर उपाध्याय जी महाराज ने शुक्रवार को प्रखंड के समस्तीपुर कमला स्थान हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि जीवन लापरवाही से नहीं, सावधानी, संयम और सम्मान के साथ जीना आवश्यक है। शास्त्र में धर्म के चार प्रगट बताये गये हैं। इनमें सत्य, तप, दया और दान शामिल है। लेकिन, कलयुग में इसका पालन बेहद कठिन हो गया है। ऐसे में सत्य की राह पर चलना, मानव व जीव के प्रति दया और दान भाव बेहद महत्वपूर्ण है। सामान्य जन उक्त तीनों भाव व मार्गों पर चलकर धर्...