पूर्णिया, अप्रैल 6 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। बिहार के इतिहास में आज का दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है। आज से ठीक 10 साल पहले 5 अप्रैल 2016 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के भविष्य को संवारने के लिए सूबे में पूर्ण शराबबंदी करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। आज इस फैसले के एक दशक पूरे होने पर राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में आए बदलावों पर व्यापक चर्चा हो रही है। इसी कड़ी में शहर के प्रसिद्ध सर्जन और समाजसेवी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा है कि बिहार में शराबबंदी कानून नहीं बल्कि सामाजिक क्रांति है। आने वाले समय में भी इस कानून को राज्य में लागू रखना चाहिए। यह महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की जीत है। शराबबंदी की पैरोकारी करते हुए कहा कि शराबबंदी का सबसे सकारात्मक और गहरा प्रभाव बिहार की ...