नई दिल्ली, अक्टूबर 4 -- अश्विन माह की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा और कोजागरी लक्ष्मी पूजा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं के साथ उदित होता है और उसकी चांदनी पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करती है। यही कारण है कि शरद पूर्णिमा की रात को साल की सबसे विशेष और शुभ रात माना जाता है।शरद पूर्णिमा 2025 की तिथि और समय वर्ष 2025 में शरद पूर्णिमा का पर्व सोमवार, 6 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि का आरंभ दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगा और अगले दिन 7 अक्टूबर को सुबह 09 बजकर 16 मिनट पर इसका समापन होगा।शरद पूर्णिमा की विशेषता कहा जाता है कि इस रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने से वह अमृत तुल्य हो जाती है। मिट्टी के बर्तन में खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखी ज...
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