भभुआ, अगस्त 23 -- पेज चार की फ्लायर खबर शरणागत भक्त के योग-क्षेम का भार भगवान स्वयं उठाते हैं : जीयर स्वामी व्रत-उत्सव में शास्त्रीय मर्यादा और सदाचार अपनाने का दिया संदेश परसियां चातुर्मास महोत्सव में स्वामी जी ने कहा कथा सुनने के साथ जीवन में उतारें शास्त्रों की सीख भभुआ, नगर संवाददाता। परसियां में चल रहे चातुर्मास महा महोत्सव में श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी महाराज ने अपने प्रवचन में भगवान के प्रिय व्रत, शरणागति, सदाचार और भक्त के जीवन में धर्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान का सबसे प्रिय व्रत शरण में आए जीव की रक्षा करना और उसके कल्याण का भार उठाना है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में भी कहा है- "योगक्षेमं वहाम्यहम्"। अर्थात जो भक्त भगवान की शरण में आ जाता है, उसके योग-क्षेम की चिंता भगवान स्वयं करते हैं। इसल...