सिद्धार्थ, फरवरी 3 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार शब-ए-बरात शाबान माह की 14 तारीख को मनाया जाता है। इस्लाम धर्म के मानने वाले पूरी रात इबादत करते हुए नवाफिल नमाज के साथ तिलावत करते गुजारते हैं। मस्जिदों और कब्रिस्तानों को कुमकुमों से सजाया जाता है। कब्रस्तिानों पर पहुंच कर दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों की मगफिरत की दुआ करते हैं। गरीबों के बीच खाना व जकात-सदका दिया जाता है। पूरे जिले में शब-ए-बारात धार्मिक रूप से मनाया जाता है। मंगलवार की पूरी रात लोग जाग कर इबादत करेंगे। मस्जिदों से लेकर घरों तक नवाफिल नमाजों के साथ कुरआन पाक की तिलावत का सिलसिला जारी रहेगा। कहा जाता है इस रात की इबादत से अल्लाह राजी होता है। लोगों की गुनाहों को माफ करता है। इबादत के साथ कब्रिस्तानों में पहुंच कर लोग दुनिया छोड़ चुके लोगों के ...