हापुड़, मई 28 -- इसे शब्दों का जादू ही कहिए कि ये किसी टूटे हुए इंसान को हिम्मत दे सकते हैं, और एक मजबूत इंसान को अंदर तक तोड़ भी सकते हैं। जो आपस में कहे शब्दों के बाणों से शादी का अटूट 26 साल का बंधन टूटने के लिए थाने की दहलीज पर पहुंच गया। वहीं एक महिला थाना इंचार्ज ने शब्दों के जादू से दोनों पति पत्नी के बीच उभरे शक के जंजाल को मिटा दिया। दोनों खुशी-खुशी फिर से उसी आशियाने में पहुंच गए जहां पर संतान के रुप में पांच बच्चे उनका इंतजार कर रहे थे। बुजुर्गों की कहावत है कि हमेशा शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि एक बार कहे गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते।

शब्दों की शक्ति शब्द वाकई बहुत शक्तिशाली होते हैं। यही शब्द जब गलत तरीके या इरादे से कहे जाएं, तो मन में नासूर (गहरा घाव) बनकर हमेशा के लिए चुभते रहते हैं। जिला संभल के संभाल की ...