नई दिल्ली, जून 26 -- Shani Nakshatra Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता ग्रह कहा जाता है। शनि जब राशि या नक्षत्र बदलते हैं तो उसका असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलता है। 1 जुलाई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस नक्षत्र परिवर्तन के बाद शनि के स्वभाव में कुछ नरमी आ सकती है। ऐसे में जिन लोगों पर शनि का कठिन प्रभाव चल रहा है, उन्हें पहले के मुकाबले कुछ राहत मिलने की संभावना है। वहीं जिन लोगों को पहले से शनि का शुभ साथ मिल रहा है, उनके लिए यह समय और बेहतर परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि रेवती नक्षत्र को सौम्य और शुभ नक्षत्र माना जाता है। शनि यहां भी कर्मों के अनुसार ही फल देंगे, लेकिन उनकी कठोरता पहले के मुकाबल...