अयोध्या, मई 16 -- अयोध्या। मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या को सूर्यदेव के पुत्र शनि देव का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इसी धारणा को लेकर ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है । इस समय शनिदेव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। शनिदेव को अनुशासन और मेहनत का देवता माना जाता है, इसलिए शॉर्टकट अपनाने वालों को नुकसान और ईमानदारी से मेहनत करने वालों को फायदा दिलाते है।उन्हें दंडाधिकारी का दायित्व प्राप्त है और वह न्याय प्रिय देवता एवं नवग्रहों में प्रमुख माने गये है। इसके कारण उनकी कृपा कल्याणकारी है। यह भी पढ़ें- शनि जयंती आज,13 साल बाद बना शनिवार को महासंयोग उन्हें क्रूर ग्रह मानकर लोग भयभीत रहते थे और शनिदेव की अनुकूलता के लिए हनुमानजी की आराधना करते है। फिलहाल अब शनि मंदिर भी बन गये है और उनके नियमित...