नई दिल्ली, मई 23 -- हिंदू धर्म में शनि देव की पूजा का विशेष महत्व है। शनि को न्याय के देवता और कर्मफल के दाता माना जाता है। उनकी पूजा में कई नियमों का पालन किया जाता है, जिनमें पूजा सामग्री का चुनाव भी शामिल है। शास्त्रों के अनुसार, शनि देव की पूजा में तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल वर्जित माना गया है। इसकी पृष्ठभूमि में सूर्य और शनि के पिता-पुत्र संबंध की कथा छिपी हुई है।सूर्य और शनि का पौराणिक संबंध पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव सूर्य देव के पुत्र हैं। लेकिन दोनों के बीच गहरे मतभेद रहे हैं। शनि की उत्पत्ति और स्वभाव सूर्य देव से अलग है। शनि काले रंग, लोहे, तेल और छाया से जुड़े हैं, जबकि तांबा सूर्य देव की धातु मानी जाती है। शास्त्रों में इन दोनों देवताओं के बीच तनावपूर्ण संबंध का उल्लेख मिलता है, जिसके कारण शनि पूजा में सूर्य से संबंधि...