बिजनौर, मई 16 -- ​बिजनौर। जनपद में शनिवार को शनि जयंती, शनैश्चरी अमावस्या और वट सावित्री व्रत का एक अनूठा और दुर्लभ त्रिवेणी संयोग देखने को मिला। सुबह से ही शहर के तमाम मंदिरों और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चारों ओर गूंजते 'जय शनिदेव' के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। ​शनि जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शहर के प्रसिद्ध प्राचीन मां कालिका मंदिर स्थित शनिदेव मंदिर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भव्य यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्य यजमान के रूप में पारस अग्रवाल ने सपरिवार आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। ​यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद मंदिर परिसर में ही एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर से शुरू हुआ यह भंडारा देर शाम तक चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध हो...