नई दिल्ली, जुलाई 4 -- Shani Ke Paye: वैदिक ज्योतिष में शनि देव के गोचर का विशेष महत्व माना जाता है। जब शनि एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तब सिर्फ उनकी स्थिति ही नहीं, बल्कि उनका पाया भी देखा जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि के पाये से यह संकेत मिलता है कि गोचर के दौरान व्यक्ति को किस तरह के परिणाम मिल सकते हैं। शनि के चार पाये बताए गए हैं- स्वर्ण, चांदी, तांबा और लोहा। इन सभी का प्रभाव अलग-अलग माना जाता है।क्या होता है शनि का पाया? पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि शनि का पाया, गोचर के समय चंद्र राशि से उनकी स्थिति के आधार पर तय किया जाता है। हर पाया जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर असर डालता है। किसी के लिए यह धन और तरक्की का संकेत होता है तो किसी के लिए संघर्ष और चुनौतियां लेकर आता है।स्वर्ण पाया देता...