नई दिल्ली, जनवरी 10 -- शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या जीवन की सबसे कठिन अवधियां मानी जाती हैं। इन दौरान आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याएं, मानसिक तनाव, रिश्तों में कलह और करियर में रुकावटें आती हैं। ज्योतिष शास्त्र और पुराणों में बताया गया है कि कुछ विशेष फूलों की पूजा और अर्पण से शनिदेव का अशुभ प्रभाव कम होता है और साढ़ेसाती-ढैय्या का कष्ट जल्दी खत्म हो जाता है। ये फूल हैं - आक का फूल, गुड़हल का फूल, शमी का फूल और अपराजिता का फूल। इन फूलों से शनिवार को पूजा करने से शनि प्रसन्न होते हैं और बुरा प्रभाव कम हो जाता है। आइए जानते हैं इन फूलों से जुड़े उपाय और नियम।आक का फूल आक का फूल भगवान शिव और शनिदेव दोनों को अत्यंत प्रिय है। शनिवार को आक के फूल शनिदेव को चढ़ाने से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव बहुत तेजी से कम होता है। उपाय: शनिवार की शाम शुद्ध ...