नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- ज्योतिषशास्त्र में शनि की दृष्टि को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि देव को कर्मफलदाता कहा जाता है। मान्यता है कि उनकी दृष्टि जिस भाव और राशि पर पड़ती है, वहां व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार परिणाम मिलते हैं। इस समय शनि देव मीन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान हैं। मीन राशि से शनि की तीसरी, सातवीं और दसवीं दृष्टि पड़ रही है। शनि की इन दृष्टियों का असर कई राशियों के जीवन में देखने को मिल सकता है। खास बात यह है कि शनि की तीसरी दृष्टि वृषभ राशि पर, सातवीं दृष्टि कन्या राशि पर और दसवीं दृष्टि धनु राशि पर पड़ रही है। वहीं मीन राशि में शनि की मौजूदगी और मिथुन राशि से उनके दशम भाव में गोचर का भी ज्योतिषीय महत्व है। ऐसे में इन पांच राशियों के जातकों के लिए आने वाला समय कामकाज, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन के लिहाज स...