नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- मकर राशि: ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन, मेहनत और जिम्मेदारी का कारक माना जाता है। मकर राशि के स्वामी भी शनि हैं। इस समय शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में चल रहे हैं और रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में हैं। शनि की यह स्थिति मकर राशि से तीसरे भाव में बन रही है। ज्योतिष में तीसरे भाव को पराक्रम, प्रयास, छोटे भाई-बहन, साहस और संपर्कों से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में शनि का यह गोचर मकर राशि वालों के लिए खास माना जा सकता है। वक्री शनि का प्रभाव अक्सर पुराने कामों और अधूरे मामलों से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में जिन कामों को लेकर काफी समय से प्रयास चल रहे हैं, उनमें दोबारा गतिविधि बढ़ सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को एक जैसा परिणाम मिलेगा। जन्मकुंडली में शनि की स्थिति और दशा के आधार पर फल अलग हो सक...