शनि और केतु का षडाष्टक योग कब तक और किन राशियों के लिए लाएगा लाभ के योग?
नई दिल्ली, जून 30 -- केतु अपनी कमजोरी को छोड़ेंगे नहीं, इसलिए केतु को मोक्षदाता है। केतु आपको अटकाव लाता है, अटैचमेंट कम करता है, आपके लक्ष्यों से आप कितने दूर हैं, केतु आपको इसके पास ले जाएगा। केतु सिंह राशि में हैं। और शनि मीन राशि है। आपको बता दें कि षटाष्टक योग तब बनता है जब ये दोनों ग्रह 6ठें और आठवें भाव में होते हैं हैं। ऐसे में इसके बारे में जानते हैं। शनि न्याय के कारक है और केतु अध्यात्म के। अगर आप न्याय के तौर पर अगर सही रहते हैं तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। आपको शनि और केतु के इस योग से लाभ भी हो सकता है और नुकसान भी। आपको इस बात को समझना होगा कि षडाष्टक बुरा और विपरीत राजयोग का भी काम करता है। षडाष्टक योग अगर अच्छी स्थिति में हो तो सफलता मिलती है, आयु में वृद्धि होती है। आपके लोन खत्म होते हैं, लेकिन अगर खराब स्थिति में हो...
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