सिद्धार्थ, सितम्बर 21 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निर्धारित पांच परिवर्तनों को प्रत्येक व्यक्ति अपने आचरण में उतारे। विद्यालय केवल शिक्षण का केंद्र न होकर समाज के लिए आदर्श एवं स्वीकार्य शिक्षा का केंद्र बने। यह बातें विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के राष्ट्रीय मंत्री शिव प्रसाद ने कही। वह रविवार को रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज तेतरी बाजार के प्रवास के दौरान कहीं।राष्ट्रीय मंत्री के प्रवास को लेकर रविवार को अवकाश के बावजूद विद्यालय में शिक्षण एवं अन्य गतिविधियां संचालित रहीं। प्रातःकालीन वंदना सभा में उन्होंने पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्य...